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Arthritis: गठिया के मरीज को गलती से à¤à¥€ नहीं खाने चाहिठये 10 टेसà¥à¤Ÿà¥€ फूडà¥à¤¸
वैसे तो आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Arthritis) को बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ की बीमारी माना जाता है। लेकिन यह दिकà¥à¤•त 1 साल के बचà¥à¤šà¥‡ से लेकर 80 साल के बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— तक किसी को à¤à¥€ अपनी चपेट में ले सकती है। यानी इसे उमà¥à¤° से बांधकर नहीं देखा जा सकता...
आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को तेज दरà¥à¤¦ सहन करना पड़ता है। बोलचाल की à¤à¤¾à¤·à¤¾ में आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Arthritis) को गठिया और जोड़ों का दरà¥à¤¦ à¤à¥€ कहते हैं। यह दरà¥à¤¦ शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में उस जगह पर हो सकता है, जहां दो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आपस में जà¥à¤¡à¤¼ रही हों। आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का दरà¥à¤¦ उंगली के जोड़ से लेकर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ तक किसी à¤à¥€ संधि में हो सकता है...
इन कारणों से होता है आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
-आमतौर पर à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ की कमी
-शारीरिक शà¥à¤°à¤® ना करना
-रोज घंटों à¤à¤• ही जगह बैठे रहना
-मीठे पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का अधिक सेवन करना
-धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और नशा करना
-बहà¥à¤¤ अधिक मोटापे के कारण
-जॉइंट के सॉफà¥à¤Ÿ टिशà¥à¤¯à¥‚ज में गहरी चोट, जिसका समय पर इलाज ना कराया गया हो।
नहीं खानी चाहिठये चीजें
-आमतौर पर माना जाता है कि गठिया के रोगियों को खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल और खटà¥à¤Ÿà¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे दही, छाछ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤
-हालांकि इस बात को लेकर à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ की अलग-अलग राय देखने को मिलती है। यहां हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ फूडà¥à¤¸ के बारे में बात करेंगे, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने से गठिया की समसà¥à¤¯à¤¾ और अधिक बढ़ सकती है...
बहà¥à¤¤ अधिक शà¥à¤—र का सेवन
- जिन लोगों को आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बहà¥à¤¤ अधिक शà¥à¤—र का उपयोग नहीं करना चाहिà¤à¥¤ फिर चाहे शà¥à¤—र लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ फॉरà¥à¤® में हो या किसी सà¥à¤µà¥€à¤Ÿ डिश यानी मिठाई के रूप में।
-शà¥à¤—र से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चीजें खाने से शरीर में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ सकती है, जो आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ को बढ़ाने का काम करेगी। इसलिठचॉकलेटà¥à¤¸, कैंडी, सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ और सोडा जैसी चीजों से दूर रहना चाहिà¤à¥¤
डेयरी पà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ करते हैं नà¥à¤•सान
- डेयरी पà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ हमारे लिठलाà¤à¤•ारी होते हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे हमें बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। लेकिन डेयरी पà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤¾à¤— à¤à¥€ होता है, जो आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ा देता है।
-कई ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• रिसरà¥à¤š में इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ हà¥à¤ˆ है कि डेयरी पà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के सेवन से आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मरीजों में अकà¥à¤¸à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया जाता है कि वे दूध, दही, छाछ और अंडे जैसी हाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ चीजों का सेवन कम करें।
नमक से à¤à¥€ होती है समसà¥à¤¯à¤¾
-खाने में तो नमक खाया ही जाता है। लेकिन इसमें à¤à¥€ आप काला नमक या पिंक सॉलà¥à¤Ÿ का उपयोग करेंगे तो आपको अधिक लाठहोगा।
-बेहतर होगा कि आप फासà¥à¤Ÿ फूड से à¤à¤•दम दूरी बना लें। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि फासà¥à¤Ÿ फूडà¥à¤¸ में आमतौर पर नमक की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ अधिक होती है। जो ना केवल आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ाती है बलà¥à¤•ि हमारे रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ हेलà¥à¤¥ को à¤à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाती है। जैसे, बीपी हाई होना, यूरिन अधिक आना।
सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैट से बचें
-आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मरीजों को मैदा और बटर का उपयोग नहीं करना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके सेवन से शरीर में सूजन बढ़ने की दिकà¥à¤•त हो सकती है।
-इसलिठखासतौर पर फासà¥à¤Ÿ फूड जैसे पिजà¥à¤œà¤¾, बरà¥à¤—र, चीज, पाव आदि का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें मैदा à¤à¥€ होती है और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तैयार करने में बटर का उपयोग à¤à¥€ किया जाता है। ये दोनों ही आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मरीजों के लिठधीमे जहर की तरह काम करते हैं।
नशा और धà¥à¤†à¤‚
-वैसे तो नशा करना और सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग करना हर किसी की सेहत को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है। लेकिन अगर किसी को आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो तो उसे इन दोनों ही चीजों से बहà¥à¤¤ दूरी बना लेनी चाहिà¤à¥¤
-जिन लोगों को आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल के सेवन से अधिक दरà¥à¤¦ à¤à¥‡à¤²à¤¨à¤¾ पड़ सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤²à¥à¤•ोहल से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ Gout की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। यह à¤à¥€ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का ही à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है, जो सामानà¥à¤¯ से अधिक दरà¥à¤¦à¤à¤°à¤¾ होता है।
गà¥à¤²à¥‚टन के कारण दरà¥à¤¦
-आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कà¥à¤› मरीजों में गà¥à¤²à¥‚टन से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ देखने को मिलती है। अगर किसी को à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ हो तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गेहूं की रोटी, बà¥à¤°à¥‡à¤¡ जैसी चीजें खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ इसकी जगह अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤à¤¾à¤ गठदूसरे आटे और फूटà¥à¤¸ का उपयोग करना चाहिà¤à¥¤
फà¥à¤°à¥ˆà¤‚च फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œ
-डीप फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ चीजें और खासतौर पर फà¥à¤°à¥ˆà¤‚च फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œ के सेवन से आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मरीजों को दूर रहना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये वेजिटेबल ऑइल में तैयार किठजाते हैं, जिनमें ओमेगा-6 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है।
- साथ ही ये कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और सोडियम से रिच होते हैं। ये सà¤à¥€ चीजें मिलकर शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करती हैं। इनसे जोड़ों में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक हो सकती है। अगर आपको पोटैटो खाने ही हैं तो बेहतर है कि आप सीजन के दौरान शकरकंद का उपयोग करें।
ठंडी चीजें बढ़ा सकती हैं दरà¥à¤¦
-आमतौर पर बà¥à¤–ार या कफ-कोलà¥à¤¡ में à¤à¥€ ठंडी चीजों का सेवन करने से शरीर में दरà¥à¤¦ बढ़ जाता है। अगर आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मरीज बहà¥à¤¤ ठंडा पानी पीते हैं या आइसकà¥à¤°à¥€à¤® और दूसरी ठंडी चीजों का सेवन करते हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इनके कारण à¤à¥€ अधिक दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
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